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Gyan Devi Maa Saraswati Padyatra – XXIV

माँ सरस्वती जी की पदयात्रा जो हर महीने के दूसरे रविवार को प्रात : 7:00 बजे ज्योतिसर (कुरुक्षेत्र) से पिहोवा माँ सरस्वती मन्दिर के लिए निकाली निकाली जाती हैं|
9 अगस्त 2026,प्रातः 7 बजे ,ज्योतिसर धाम ( कुरुक्षेत्र )
24 वीं ज्ञान देवी माँ सरस्वती पदयात्रा जो ज्योतिसर धाम से चलकर माँ सरस्वती मंदिर पिहोवा के लिए जाती है| इस बार यह यात्रा ज्योतिसर धाम से चलकर कुरुक्षेत्र के पिहोवा क्षेत्र के अंतर्गत अरुणाय गांव में स्थित संगमेश्वर महादेव मंदिर तक की गई | यह एक अति प्राचीन और प्रसिद्ध पावन शिव धाम है। यहां सावन मास और महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं तथा कांवड़ियों का भारी जनसैलाब उमड़ता है। वामन पुराण के अनुसार, यह पवित्र स्थान प्राचीन काल में नदियों के संगम पर स्थित है, इसीलिए इसे ‘संगमेश्वर’ (संगम के ईश्वर) कहा जाता है | मान्यता है कि ऋषि विश्वामित्र के श्राप से जब सरस्वती नदी का जल रक्तयुक्त हो गया था, तब देवी सरस्वती ने इसी स्थान पर भगवान शिव की आराधना कर इस श्राप से मुक्ति पाई थी | इस यात्रा में यात्रा के संयोजक श्री एम पी गोयल जी, श्री राज कसेरा जी, श्री अनिल कुमार जी , श्री राकेश शर्मा जी, श्री विनीत गोयल जी,श्री हरी सिंह जी, दयानन्द जी,राकेश चौहान जी व अन्य लोग भी शामिल हुए और सभी लोगो ने अपने विचार व्यक्त किये | इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगो को जोड़ना व आलस हटाओ स्टेमिना बढ़ाओ व नशे के प्रति लोगो को जागरूक करना है,यात्रा से पूर्व सभी लोगो ने भगवान श्री कृष्ण जी की आरती की और भगवान शिव जी की महिमा का गुणगान किया | संगमेश्वर महादेव मंदिर के सदस्यों ने सभी पदयात्रियों का स्वागत पटका पहनकर और फूलों से किया |

